सच कहूं तो जब कल मैंने जयपुर के एक सर्राफा दुकानदार दोस्त से बात की तो उनकी आवाज में थोड़ी बेचैनी साफ झलक रही थी। अगर आप भी उन लोगों में से हैं जो जयपुर के बाजार में सोना खरीदने या बेचने का इंतजार कर रहे हैं, तो 6 फरवरी 2026 तक का यह उतार-चढ़ाव आपको जरूर परेशान कर सकता है। कुछ दिन पहले तक जो तेजी दिख रही थी वह अब एक अजीब सी ठहराव में बदल गई है। जयपुर में 24 कैरेट सोना अब 15,250 रुपए से लेकर 16,068 रुपए प्रति ग्राम के बीच डोल रहा है और यह अंतर ही बताता है कि बाजार कितना अनिश्चित है।
कीमत गिरी क्यों अमेरिकी डॉलर और फेड की सख्ती है वजह
अब सवाल यह है कि यह मोड़ आया क्यों मुख्य वजह तो वैश्विक है। अमेरिकी डॉलर ने फिर से ताकत पकड़ी है और जब डॉलर मजबूत होता है तो सोना अक्सर नीचे जाता है। साथ ही, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अधिकारियों की हाल की सख्त टिप्पणियों ने सभी को हैरान कर दिया है। पहले जहां ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद थी, वहीं अब हालात बदल से गए हैं। इसका असर यह हुआ कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना लगभग 4,920 डॉलर प्रति औंस तक फिसल गया। भारत के MCX पर भी 6 फरवरी को शुरुआती कारोबार में 0.7% से ज्यादा की गिरावट दर्ज हुई।
जयपुर का बाजार कुछ के लिए राहत कुछ के लिए इंतजार की घड़ी
जयपुर जैसे ऐतिहासिक सर्राफा बाजार के लिए यह उतार-चढ़ाव बहुत मायने रखता है। यहां जो लोग शादी के सीजन या निवेश के लिए सोना खरीदने की फिराक में थे उन्हें यह गिरावट राहत देने वाली लग रही है। लेकिन वे लोग जो कुछ हफ्ते पहले ऊंचे भाव पर खरीदारी कर चुके हैं वे अब बस बाजार पर नजर गड़ाए बैठे हैं। दुकानदारों का कहना है कि कारोबार में एक तरह की सन्नाटा-सी छाई हुई है क्योंकि हर कोई अगला कदम समझने की कोशिश कर रहा है।
बजट 2026 का असर NRI के लिए आयात नियमों में ढील
एक उम्मीद की किरण बजट 2026 से जुड़ी है। सरकार ने अनिवासी भारतीयों (NRI) के लिए सोने के आयात से जुड़े सीमा शुल्क नियमों में ढील दी है। मेरे विश्लेषण के अनुसार, यह कदम लंबे समय में अच्छा साबित हो सकता है। इससे देश में सोने की सप्लाई बेहतर होगी और कीमतों में कुछ स्थिरता आ सकती है। हालांकि इसका तत्काल असर अभी दिखाई नहीं दे रहा।
तो अब क्या करें खरीदें या रुकें
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि एक आम खरीदार या निवेशक के तौर पर आप क्या करें मेरी निजी राय यह है कि घबराएं नहीं। यह बाजार का सामान्य चक्र है। अगर आपको जरूरी है जैसे किसी शादी के लिए तो थोड़ी मात्रा में खरीदारी कर सकते हैं। लेकिन अगर आप सिर्फ निवेश के लिहाज से देख रहे हैं तो थोड़ा और इंतजार करना बेहतर रणनीति होगी। कीमतें और स्पष्ट दिशा ले सकती हैं।
अंतिम बात सोना सिर्फ धातु नहीं धैर्य का खेल है
आखिर में यही कहूंगा कि सोना हमेशा से अस्थिरता भरा रहा है लेकिन लंबे समय में यह भरोसेमंद भी साबित हुआ है। जयपुर के बाजार का यह हाल सिर्फ एक पड़ाव है। बढ़िया बात यह है कि इस उतार-चढ़ाव ने हमें फिर से याद दिला दिया है कि बिना सोचे-समझे निवेश नहीं करना चाहिए। अपनी जरूरत को समझें बाजार के संकेतों पर नजर रखें और धैर्य से काम लें। क्योंकि सोना सिर्फ एक चमकदार धातु ही नहीं बल्कि समझदारी से खेला जाने वाला एक पुराना खेल है।